The Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad protested against the violence being spread by the Left in JNU.

अमित श्रीवास्तव

कोरिया बैकुंठपुर: आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बैकुंठपुर इकाई द्वारा पिछले कल हुए जेएनयू में वामपंथी संगठनों द्वारा किए गए हिंसा के खिलाफ ओड़गी नाका चौक पर विरोध प्रदर्शन किया गया। ज्ञात हो कि रविवार को जेएनयू में वामपंथी संगठनों द्वारा आम छात्रों तथा विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ हिंसा की गई।

वामपंथी संगठन देश में अराजकता फैलाने का काम कर रहे हैं ,पिछले काफी लंबे समय से वामपंथी जे एन यू में फीस वृद्धि के विरोध में अपने निजी एजेंडे को साधने का प्रयास कर रहे थे। इस आंदोलन की आड़ में एक जब जे एन यू में एक बीमार प्रोफेसर को एम्बुलेंस में ले जाया जा रहा था ।उस एम्बुलेंस को रोककर भी इन वामपंथीयों ने अपनी कायराना हरकत का परिचय दिया था। पिछले कल जब आम छात्र जब रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने जा रहे थे तब उनके ऊपर रोड व डंडों के साथ मास्क धारी वामपंथी गुंडों ने हमला कर दिया।

इस हमले में अनेकों विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भी घायल हुए जिन्हें बाद में एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। इसमें विद्यार्थी परिषद के कुल 25 कार्यकर्ता घायल हुए जिनमें 4 कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए है।

वामपंथी अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए जेएनयू जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों का नाम खराब कर रहे हैं और वामपंथ आज अपने अस्तित्व की अंतिम लड़ाई लड़ रहा है और देखा जाए तो वामपंथियों का इतिहास हमेशा से ही रक्तरंजित इतिहास रहा है। पिछले काफी लंबे समय से देश के अंदर केंद्र सरकार द्वारा लिए गए कुछ ऐतिहासिक निर्णय जैसे कि धारा 370, तीन तलाक, राम मंदिर और नागरिकता कानून को लेकर वामपंथियों में बहुत बौखलाहट देखने को मिली थी।

वामपंथी पहले तो हिंसा करते हैं फिर मीडिया के सामने बेचारे बनने का ढोंग रचते हैं और झूठी अफवाह मीडिया में फैलाते हैं । प्रदेश कार्यकरिणी सदस्य पिंकू राजवाड़े ने कहा कि वामपंथियों द्वारा चलाये जा रहे राजनीतिक एजेंडे को समझें और समाज में अराजकता फैलाने के लिए उनके द्वारा चलाए जा रहे हिंसक एजेंडे के खिलाफ समाज को जागरूक भी करे तथा सोशल मीडिया पर वामपंथियों द्वारा फैलाई भ्रांतियों में न फंसे और सभी पहलुओं का गहन अध्ययन व चिंतन करके ही किसी निर्णय पर पहुंचे। इस दौरान काफी संख्या में अभाविप कार्यकर्ता उपस्तिथ रहे।

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